देश के भीतर ही असली गद्दार बैठे हैं...

सेना के जवानों को समर्पित:

वतन की हिफाजत की खातिर वो किये
जां निसार बैठे हैं।
वो नादां क्या जाने देश के भीतर ही असली
गद्दार बैठे हैं।।
विनोद विद्रोही
जय हिन्द

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