देश के भीतर ही असली गद्दार बैठे हैं...

सेना के जवानों को समर्पित:

वतन की हिफाजत की खातिर वो किये
जां निसार बैठे हैं।
वो नादां क्या जाने देश के भीतर ही असली
गद्दार बैठे हैं।।
विनोद विद्रोही
जय हिन्द

🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁
पसंद आए तो शेयर करें
संपर्क सूत्र - 07276969415
नागपुर,
Blog: vinodngp.blogspot.in
Twitter@vinodvidrohi

Comments

Popular posts from this blog

तुम तो अपने हो तो कैसे तुम पर अधिकार बदल लें...

भारत मां का मान बचाने मैं तैयार हूं मरने को...

बरसी मनाने का अधिकार नहीं!