कश्मीर तो छोड़ो पकिस्तान में भी ज़मीन नहीं होगी...

घर की शह पर मातम पड़ोसी की जीत का ज़शन मनाते हो,
हमारा ही खाकर हमको ही टशन दिखाते हो।
गर हम अपनी पर आ गये तो ये  आतंक नाम की मशीन नहीं होगी।
कश्मीर तो छोड़ो पकिस्तान में भी तुम्हारे लिये कोई ज़मीन नहीं होगी॥
विनोद विद्रोही

Comments

Popular posts from this blog

जिंदगी इसी का नाम है, कर लो जो काम है...

बरसी मनाने का अधिकार नहीं!

देश कभी माफ नहीं करेगा ऐसे जयचंदों को...