तलवारें चीर देतीं, सुइयां सिलाई करती हैं...

बल का गुमान हुआ हाथियों को,
तो चींटियां चढ़ाई करती हैं।
तलवारें तो चीर देतीं,
सुइयां सिलाई करती हैं।।
विनोद विद्रोही

Comments

Popular posts from this blog

जिंदगी इसी का नाम है, कर लो जो काम है...

गणतंत्र दिवस चिरायु हो..लंबी इसकी आयु हो...

क्या सचमुच मेरा भारत महान है...