मैं भी लिख सकता हूं गीत प्रेम के...

यूं तो मैं भी लिख सकता हूं
गीत प्रेम के, पर लिखूंगा नहीं।
सबब क्या है इसका,
ये भी किसी से कहूंगा नहीं।।
विनोद विद्रोही

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