खिस्याने के बाद ही क्यों बिल्ली खम्बा नोचती है....

कल तक जो कह रहे थे, सत्ता की कुल्फी पूरी तरह जमी नज़र आ रही है....आज उन्हें ही ईवीएम में कमी नज़र आ रही है।  कलम विद्रोही की अक्सर ये सोचती है....खिस्याने के बाद ही क्यों बिल्ली खम्बा नोचती है।।
विनोद विद्रोही

Comments

Popular posts from this blog

जिंदगी इसी का नाम है, कर लो जो काम है...

देश कभी माफ नहीं करेगा ऐसे जयचंदों को...

तिरंगा फहराने पर गोली खाई है।