जिसके समर्थन में खड़ें हो, वो बातें सब जहरीली हैं....

दिल पत्थर, हाथों में पत्थर, ये राहें भी पथरीली हैं,
जिसके समर्थन में खड़ें हो, वो बातें सब जहरीली हैं।।
अपने होकर भी घोंपा है खंजर तुमने पीठ में,
सिर्फ इसीलिए आज आंखें गीली हैं।।
विनोद विद्रोही

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