दुनिया दुश्मन बनी बैठी है जान की...

मत खरीदो अगर जरूरत ना हो कीमती सामान की,
दुनिया दुश्मन बनी बैठी है जान की।
सच कहूं, लोगों की नजरों में मैं चुभने लगा हूं,
जब से बात की है ईमान की।।

विनोद विद्रोही

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